२०८३ जेष्ठ १२ गते , मंगलबार

विचार / विश्लेषण

Sajilo Khoj

एसइईपछि चिकित्सा प्रयोगशाला विज्ञानको यात्रा नेपालमै सम्भव

Sajilo Khoj

मिडियामा प्रहार : विगतभन्दा दमनकारी सरकारी अंकुश !

Sajilo Khoj

बालबालिकामा अब्स्ट्रक्टिभ स्लिप एपनियाको समस्या, यस्तो छ उपचार विधि

Sajilo Khoj

स्वास्थ्य मन्त्री निशा मेहतालाई एक डाक्टरको खुला पत्र

Sajilo Khoj

स्वाधीनताको धरातल र वर्तमान चुनौति

Sajilo Khoj

कुशासन विरुद्ध अकल्पनीय उथलपुथल : जनाक्रोशको परावर्तन

Sajilo Khoj

किन उठ्न सकेन भद्रपुर ? 

Sajilo Khoj

भद्रपुर नगर : गुमाएको विरासत, टोलाएको भविष्य 

Sajilo Khoj

नेपालका सपुत डा.महावीर पुन: प्रविधिका ज्योति र राष्ट्रिय समर्पणका प्रतिमूर्ति

Sajilo Khoj

सहकारी ठगी र मानव तस्करी : सुशासनको खोलभित्र कुशासनको त्रासदी

Sajilo Khoj

एसईई उत्तीर्ण भएकालाई प्रलोभन देखाएर कक्षा ११ मा भर्ना गराउन 'विद्यार्थी तानातान', पास गराइदिने आश्वासनले शैक्षिक गुणस्तर नै खतरामा

Sajilo Khoj

इस्लाम धर्मावलम्बीहरुको पर्व मुहर्रम: महिना बलिदानको

Sajilo Khoj

व्यवस्था र अवस्थाबीचको वैपरीत्य : ‘हेल हिटलर !’ र ‘म झोले हुँ !’–को अर्थसाम्यता !

Sajilo Khoj

वाक तथा प्रकाशन–प्रसारण स्वतन्त्रतामाथि नियन्त्रण र हस्तक्षेप

Sajilo Khoj

सत्ताको सौदाबाजीमा बित्यो ‘गणतन्त्र’का १७ वर्ष !

Sajilo Khoj

बिचौलियागिरीका कारण लोकतन्त्रको दुर्गति